मंगलवार, 1 मार्च 2016

गीता और प्रबंधन के मंत्र

आध्यात्मिक ऊर्जा के असीमित स्रोत के रूप में, पूरे विश्व में विख्यात श्रीमद्भगवद्गीता एक अद्भुत ग्रंथ है जिससे पूरे विश्व भर के लोग प्रबंधन की कला सीखने में लगे हैं|
जीवन की हर समस्या का समाधान स्थिर चित्तवृत्ति से ही निकल सकता है, यह रहस्य गीता से ही उद्घाटित हुआ है|
गीता ने समस्या से पलायन करने का मार्ग न सुझाते हुये, समस्या के स्थायी समाधान की ओर मनुष्य को, कर्मशील और सक्रिय होने की ओर प्रेरित किया है|
सम्यक रूप से गीता का अध्ययन, मनन और चिन्तन, मनुष्य की चेतना को अपूर्व ऊर्जा के अनन्त स्रोत से जोड़कर, मानव चेतना को उस उच्च शिखर पर ले जाता है, जो उसे न केवल सम्पूर्ण मानव जाति वरन् समूची मानवता के उत्थान के लिये प्रेरित करता है|
जीवन, की विपरीत परिस्थितियों को अनुकूलता में परिवर्तित करने में सक्षम बनाने वाले गीता के श्लोक, अलौकिक ऊर्जा से ओतप्रोत हैं|
इन मंत्रों की प्रासंगिकता, महत्ता पर इस पुस्तक में प्रकाश डालने की चेष्टा की जा रही है, मुझे आशा ही नहीं वरन् पूर्ण विश्वास है कि ये मंत्र आपके जीवन को भी आमूल परिवर्तित करने में समर्थ हैं, यदि आप इन मंत्रों को जीवन के प्रबंधन में प्रयोग कर सके|

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